Daily Inspiration, 04.Nov.2019

धन खोज रहे हैं पद खोज हैं, अहंकार के लिए नये नये श्रृंगार खोज रहे हैं,बहुत थोड़े ही लोग हैं जो स्वयं को,सत्यता को खोज रहे हैं, उस सत्यता की खोज करवाने मै आया हूँ। “इबादतखानों में क्या दूढते तो मुझे,मैं वहाँ भी हूँ,जहॉं तुम गुनाह करते हो।”

बस सत्यता का दीप जलाने और भीतर के अंधकार मिटाने के लिए साथ चलो।भीतर के नाद को सुनने के लिए मेरे संकीर्तन के साथ जुड़ो।महाक्रांति नजदीक है।।समय की चाल बहुत तेज है।।जीवन मे इस आनंद को जीने के लिए मेरा हाथ पकड़ो।।भीतर का धुआं खत्म करने केलिए राहों को रोशन के लिए।।मेरी घुनीं मे आकर वो एहसास करो।।

अब बहुत देर हो रही है ।।।वही हाथ आगे बढ़ना जो जानना नही मिटना चाहता होगा।ये अवसर दे रहा हूं खुद से खुद तक जाने का।।मैं तो देने आया हुँ।। तुम लेने मे इतनी देर ना करो।।मेरे मिशन में मै तुम सबका इंतजार कर रहा हूँ ।मेरा मिशन हजारों लाखों लोगों में परिवर्तन लाना है।।।। शिवानंद